Punjab and Haryana High Court ने हाल ही में ₹26.19 करोड़ के Input Tax Credit (ITC) धोखाधड़ी के आरोपी सौरभ बंसल को नियमित जमानत (Regular Bail) दे दी है। याचिकाकर्ता पर आरोप था कि उसने बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी फर्मों के माध्यम से Fake Invoices तैयार किए और सरकार को करोड़ों का चूना लगाया। सुनवाई के दौरान विभाग ने तर्क दिया कि जांच में पाया गया कि इनवॉइस पर दिए गए वाहन नंबर या तो अस्तित्व में नहीं थे या फिर दोपहिया वाहनों के नाम पर पंजीकृत थे, जो स्पष्ट रूप से Bogus Invoices की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि वह पिछले पांच महीनों से हिरासत में है और मामला अभी प्री-चार्ज स्टेज पर है।
न्यायालय ने Supreme Court के विभिन्न फैसलों, जैसे "विनीत जैन बनाम भारत संघ", का हवाला देते हुए कहा कि चूंकि यह मामला मुख्य रूप से दस्तावेजी साक्ष्य पर आधारित है और Magistrate द्वारा विचारणीय (triable) है, इसलिए लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं है। CGST Act, 2017 की धारा 132 के तहत अधिकतम सजा पांच साल है, और वर्तमान में आरोपी का ट्रायल शुरू होना अभी बाकी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक कोई असाधारण परिस्थिति न हो, जमानत दी जानी चाहिए। अंततः, अदालत ने आरोपी को जमानत बांड भरने और गवाहों को प्रभावित न करने की शर्त पर Regular Bail मंजूर कर ली। यह फैसला GST Fraud मामलों में न्यायिक प्रक्रिया और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संतुलन को रेखांकित करता है।