GST Portal पर IMS Dashboard: Credit Note को Pending रखने और ITC Reversal संशोधित करने की नई सुविधा

Rajesh Kumar at  2026-03-14  at 11:46:58
GST Portal पर IMS Dashboard: Credit Note को Pending रखने और ITC Reversal संशोधित करने की नई सुविधा
GST Portal पर IMS Dashboard: Credit Note को Pending रखने और ITC Reversal संशोधित करने की नई सुविधा

GST Portal के Invoice Management System (IMS) में अक्टूबर 2025 tax period से एक महत्वपूर्ण update लागू किया गया है, जिसके तहत अब taxpayers को Credit Note को एक निर्धारित अवधि तक Pending रखने की सुविधा दी गई है। इससे पहले यह विकल्प उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण कई बार business disputes उत्पन्न हो जाते थे। नई व्यवस्था के अनुसार अब Credit Note, Credit Note की upward amendment, rejected Credit Note की downward amendment तथा कुछ विशेष परिस्थितियों में Invoice या Debit Note की downward amendment जैसे रिकॉर्ड को IMS dashboard में pending रखा जा सकता है। यह सुविधा monthly taxpayers के लिए एक महीने और quarterly taxpayers के लिए एक quarter तक उपलब्ध होगी। यदि निर्धारित अवधि के भीतर taxpayer कोई action नहीं लेता है तो सिस्टम उस रिकॉर्ड को deemed accepted मान लेगा। इन परिवर्तनों का उद्देश्य GST compliance को सरल बनाना और taxpayer को रिकॉर्ड सत्यापन के लिए पर्याप्त समय देना है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक FAQ देखें

नए बदलावों के तहत एक और महत्वपूर्ण सुविधा यह जोड़ी गई है कि अब recipient taxpayer IMS में ITC स्वीकार करते समय यह घोषित कर सकता है कि उसे कितना ITC reversal करना है। पहले सिस्टम Credit Note स्वीकार करते ही पूरी ITC राशि को स्वतः कम कर देता था, भले ही taxpayer ने संबंधित invoice पर ITC claim न किया हो या आंशिक रूप से reversal किया हो। अब स्क्रीन पर “Whether ITC need to be reduced for the selected record?” नाम का विकल्प दिखाई देगा, जिसमें taxpayer Yes या No चुन सकता है। यदि taxpayer No चुनता है तो इसका अर्थ है कि उसने संबंधित invoice पर ITC नहीं लिया था और इसलिए reversal की आवश्यकता नहीं है। वहीं Yes चुनने पर taxpayer पूरी या आंशिक राशि दर्ज कर सकता है, जिससे सही ITC adjustment हो सकेगा। इसके अतिरिक्त taxpayer Reject या Pending action लेते समय remark भी दर्ज कर सकता है, जो कि कुछ मामलों में अनिवार्य होगा। GSTN के अनुसार यह सुविधा GST portal पर अक्टूबर 2025 से लागू होगी और इससे व्यापारिक पारदर्शिता तथा tax compliance में सुधार होने की उम्मीद है।

Invoice Management System (IMS) में अक्टूबर 2025 से लागू नए बदलाव – FAQ

GST Portal के Invoice Management System (IMS) में अक्टूबर 2025 से कुछ महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं। इन बदलावों के संबंध में GSTN द्वारा जारी FAQ में विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से नई सुविधाओं और नियमों को स्पष्ट किया गया है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक PDF देखें। 0

1. किन दस्तावेज़ों के लिए अब Pending विकल्प उपलब्ध है?

अब IMS में निम्न दस्तावेज़ों के लिए Pending option उपलब्ध कराया गया है, जो पहले उपलब्ध नहीं था:

  • Credit Note (CN) या Credit Note की upward amendment
  • Credit Note की downward amendment जब मूल Credit Note reject किया गया हो
  • Invoice या Debit Note की downward amendment, लेकिन केवल तब जब मूल Invoice accept हो चुका हो और GSTR-3B filed हो
  • ECO Document की downward amendment जब मूल रिकॉर्ड accept हो चुका हो और 3B filed हो

2. IMS में कौन-कौन से नए बदलाव किए गए हैं?

IMS सिस्टम में निम्नलिखित नए बदलाव लागू किए गए हैं:

  • ऊपर बताए गए रिकॉर्ड्स के लिए Pending action की अनुमति
  • Recipient taxpayer को IMS में “Amount of ITC to be reduced” घोषित करने का विकल्प
  • Reject या Pending action लेते समय Remark दर्ज करने का विकल्प

3. क्या ये बदलाव पिछली अवधि पर लागू होंगे?

ये बदलाव prospectively लागू किए जाएंगे और यह सुविधा October 2025 tax period से उपलब्ध होगी।

उदाहरण:

  • CN dated 15 Sept 2025, GSTR-1 (Sept 2025) में reported → IMS में दिखाई देगा लेकिन Pending option उपलब्ध नहीं होगा
  • CN dated 15 Oct 2025, GSTR-1 Oct 2025 में reported → IMS में Pending option उपलब्ध होगा
  • CN dated 15 Mar 2025, GSTR-1 Oct 2025 में reported → IMS में Pending option उपलब्ध होगा क्योंकि GSTR-2B period Oct 2025 है
  • CN dated 20 Sept 2025, GSTR-1A Sept 2025 में reported → IMS में Pending option उपलब्ध होगा

4. Credit Note या अन्य रिकॉर्ड कितने समय तक Pending रखे जा सकते हैं?

  • Monthly taxpayer (recipient) → 1 tax period (1 महीना)
  • Quarterly taxpayer (recipient) → 1 tax period (1 quarter)

Pending रखने की अंतिम तिथि निम्न सूत्र के आधार पर तय होगी:

Due date of GSTR-3B filing = Applicable GSTR-2B period + 1 tax period

उदाहरण – Monthly Taxpayer

  • Supplier ने 10 November 2025 को GSTR-1 file किया
  • Applicable GSTR-2B period – October 2025
  • Specified period – 1 tax period (1 month)
  • Next tax period – November 2025

इस स्थिति में रिकॉर्ड Pending रखने की अंतिम तिथि 20 December 2025 होगी।

उदाहरण – Quarterly Taxpayer (QRMP)

  • Supplier ने 10 January 2026 को Oct-Dec quarter के लिए GSTR-1 file किया
  • Applicable GSTR-2B period – Oct-Dec 2025
  • Specified period – 1 quarter
  • Next tax period – Jan-March 2026

इस स्थिति में रिकॉर्ड Pending रखने की अंतिम तिथि 22 या 24 April 2026 होगी।

5. Pending अवधि समाप्त होने के बाद क्या होगा?

यदि निर्धारित अवधि समाप्त हो जाती है तो Pending action disable हो जाएगा। इसके बाद recipient taxpayer को उस रिकॉर्ड को accept या reject करना होगा। यदि कोई action नहीं लिया जाता है तो सिस्टम उस रिकॉर्ड को deemed accepted मान लेगा।

6. क्या ITC reversal की राशि घोषित करने का विकल्प मिलेगा?

पहले Credit Note स्वीकार करने पर सिस्टम स्वतः पूरी ITC राशि को reverse कर देता था, भले ही taxpayer ने संबंधित invoice पर ITC claim न किया हो या आंशिक reversal किया हो।

अब नए बदलाव के अनुसार recipient taxpayer को IMS में यह विकल्प मिलेगा कि वह यह घोषित कर सके कि उसे कितनी ITC reversal करनी है।

रिकॉर्ड accept करते समय स्क्रीन पर निम्न प्रश्न दिखाई देगा:

“Whether ITC need to be reduced for the selected record(s)?”

Taxpayer को दो विकल्प मिलेंगे:

  • Yes
  • No

यदि No चुना जाता है:

  • इसका अर्थ है कि taxpayer ने संबंधित invoice पर ITC claim नहीं किया था
  • इसलिए ITC reduction नहीं होगा

यदि Yes चुना जाता है:

  • ITC का full या partial reversal किया जा सकता है

Partial reversal के मामले में:

  • Taxpayer को ITC की राशि स्वयं दर्ज करनी होगी

Full reversal के मामले में:

  • केवल Yes चुनना होगा
  • कोई राशि दर्ज करना आवश्यक नहीं

इसके बाद ITC की गणना GSTR-2B में दिखाई देगी और वही राशि GSTR-3B में populate हो जाएगी।

7. Reject या Pending action लेते समय Remark जोड़ सकते हैं?

हाँ, taxpayer Reject या Pending action लेते समय Remark जोड़ सकता है।

  • Partial reversal और No reversal के मामलों में Remark दर्ज करना अनिवार्य होगा।

Labels: All GST Return Filing , GST Returns

News Updates

GST Templates