GST Notice पर छोटे व्यापारियों में हड़कंप

Rajesh Kumar at  2025-07-22  at 16:48:59
GST Notice पर छोटे व्यापारियों में हड़कंप
GST Notice पर छोटे व्यापारियों में हड़कंप

कर्नाटक समेत देशभर में छोटे व्यापारियों को GST Notice मिलने का सिलसिला तेज हो गया है। छोटे कारोबारी जैसे चाय की दुकानें, बेकरी, सलून और होटल्स अचानक मिले इन Notice से घबराए हुए हैं। वजह है UPI Transaction, जो सालाना 40 लाख रुपये के पार जा रहा है। Department ने Digital Transaction Data की गहन जांच की और जिनका Turnover Limit पार हुआ, उन्हें Notice भेजा गया। इसमें Goods के लिए 40 लाख और Services के लिए 20 लाख की सीमा तय है। अब Tax Experts का कहना है कि छोटे व्यापारियों को तुरंत जवाब देना चाहिए, चाहे अभी Tax जमा करना जरूरी न हो।

Experts ने साफ कहा है कि हर Transaction GST के दायरे में नहीं आता। उदाहरण के लिए, ब्रेड जैसी आवश्यक वस्तुएं Tax Free हैं, जबकि Packaged Snacks पर 5% GST लागू होता है। Businessmen को ये समझना बेहद जरूरी है कि किन Items पर GST लगता है, ताकि उनकी Tax Liability कम की जा सके। वहीं हालिया Update के अनुसार, GSTIN के बिना UPI Receipt पर Notice भेजने की प्रक्रिया तेज हो रही है। Department के अनुसार, UPI Data से बड़े पैमाने पर Unregistered Business पकड़े जा रहे हैं, जिससे Revenue बढ़ाने में मदद मिल रही है।

Tax Experts का कहना है कि जिन Traders का Annual Turnover 1.5 Crore रुपये से कम है, उनके लिए GST Composition Scheme एक बेहतरीन Option है। इस Scheme के तहत सिर्फ 1% Tax turnover पर देना होता है और Detailed Filing की जरूरत नहीं होती। हालांकि, इसमें Input Tax Credit का फायदा नहीं मिलता। बावजूद इसके छोटे कारोबारियों के लिए ये Scheme फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि Overall Tax Burden काफी कम हो जाता है। Department भी कह रहा है कि Notice का मकसद किसी को परेशान करना नहीं बल्कि Legal Compliance सुनिश्चित करना है।

GST Department ने यह भी साफ किया है कि UPI Transaction Data Financial Year 2021-22 से लेकर 2024-25 तक का Review करके Notices जारी किए गए हैं। इससे उन Traders की पहचान हुई जो Threshold पार कर गए हैं लेकिन GST में Registered नहीं थे। Experts की सलाह है कि व्यापारी जल्द-से-जल्द Online GST Registration करें और यदि Eligible हों तो Composition Scheme का चुनाव करें। साथ ही Taxable और Non-Taxable Goods/Services की सही Classification बहुत जरूरी है, जिससे Extra Tax देने की नौबत न आए। व्यापारी gst.kar.nic.in पर जाकर Details Check कर सकते हैं और अपनी Queries Clear कर सकते हैं।


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