केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने व्यापारियों के लिए बड़े बदलावों की घोषणा की है। अब घरेलू टैरिफ एरिया (DTA) के खरीदार स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) से की गई खरीद पर जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ बिना इम्पोर्टर एक्सपोर्टर कोड (IEC) के भी उठा सकेंगे। यह बदलाव खास तौर पर उन छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए फायदेमंद होगा, जिनके पास अभी तक IEC नहीं है।
इसके साथ ही CBIC ने IGCR फॉर्म 3A और 4 के लिए Excel अपलोड की सुविधा भी शुरू की है। इससे इम्पोर्टर्स एक ही बार में 10,000 से ज्यादा लाइन आइटम्स का डेटा अपलोड कर पाएंगे। इससे बड़े वॉल्यूम के इम्पोर्ट में तेजी और सुविधा दोनों आएंगी।
CBIC की वेबफॉर्म्स इनिशिएटिव के तहत कई कस्टम्स फॉर्म्स जैसे शिपिंग बिल अमेंडमेंट, शॉर्ट शिपमेंट, ICD-IGM फ्रेश/अमेंडमेंट और LCS एक्सपोर्ट रिपोर्ट को डिजिटल रूप में लॉन्च किया गया है। अब ये फॉर्म सीधे कस्टम्स अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन प्रोसेस किए जाएंगे, जिससे फिजिकल सर्विस सेंटर्स पर निर्भरता कम होगी।
इसके अलावा, सी-कार्गो मैनिफेस्ट और ट्रांसशिपमेंट मैसेजिंग सिस्टम (SCMTR) भी कांडला, एन्नोर, कटुपल्ली और पारादीप जैसे बड़े पोर्ट्स पर लागू कर दिया गया है। इस कदम से कंटेनर ट्रैकिंग और डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता आएगी।
इन सभी बदलावों का उद्देश्य ‘Ease of Doing Business’ को बढ़ाना और व्यापारिक माहौल को ज्यादा डिजिटल और सुविधाजनक बनाना है।