FY 2025‑26 में GST के तहत TDS और TCS compliance में कई नए अपडेट आए हैं। सबसे पहले, GSTR‑7 और GSTR‑8 की नई formats फरवरी 2025 से लागू हो चुकी हैं, जहाँ अब invoice‑level और document‑wise details जमा करना अनिवार्य है जैसे deductee का GSTIN, invoice नंबर, date, value और टैक्स विवरण । यह कदम suppliers के reconciliation रिपोर्ट को और सटीक बनाने व audit trail को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
1 अप्रैल 2025 से ISD (Input Service Distributor) registration भी अब mandatory हो गया है, जहाँ ग्राहक multiple GSTINs के अंतर्गत ITC को cross‑charge की जगह ISD खाते से pay करेगा । यह step transparency बढ़ाने और input tax credit को centralize करने के उद्देश्य से लिया गया है।
GST portal पर July 2025 से GSTR‑3B में auto‑lock feature लागू किया गया है, जिससे GSTR‑1 में दी गई liability को सीधे GSTR‑3B में लाया जाएगा और उसे edit नहीं किया जा सकता । साथ ही, 3‑year time‑bar लग चुका है – अब तीन साल से अधिक पुराने returns नहीं भरे जा सकते ।
FY 2025‑26 में TDS/TCS rules में भी नए बदलाव देखने को मिलते हैं – Income Tax Budget 2025 के अनुसार senior citizens के interest TDS threshold ₹50k से बढ़कर ₹1 lakh हो गया है, और rent TDS की सीमा ₹2.4 lakh से बढ़कर ₹6 lakh कर दी गई है। Section 194T के तहत 1 अप्रैल 2025 से LLP/firms द्वारा partners की remuneration पर 10% TDS काटा जाएगा ।
FY 2025‑26 में TDS और TCS की due dates भी बदल गई हैं। TDS जमा करने की deadline हर महीने की 7 तारीख है (March के लिए 30 April) तथा quarterly returns (Form 24Q/26Q/27Q) की due date है 31 July, 31 Oct, 31 Jan और 31 May 2026 । TCS के लिए deposit भी 7 तारीख तक करना होता है, और return (Form 27EQ) submit करनी होती है 15 जुलाई/15 अक्तूबर/15 जनवरी/15 अप्रैल तथा certificates 30 जुलाई/30 अक्टूबर/30 जनवरी/30 अप्रेल तक जारी करने होते हैं ।
Late deposit या late filing पर interest और fees लागू होती है: TDS/TCS deposition पर 1–1.5% प्रतिमाह, और return late होने पर ₹200 पर दिन के हिसाब से ₹100 शुल्क लगता है । Section 234E के अंतर्गत forms सही समय पर न देने पर भी penalty का आवेदन होता है ।
FY 2025‑26 में TDS/TCS compliance के लिए best practices में शामिल हैं: नियमित calendar तैयार करना, PAN और section‑code की pre‑validation करना, deduction के बाद और return के पहले Form 26AS से reconcile करना, और certificates (Form 16/16A/27D) समय पर issue करना । साथ ही, GSTR‑1 को first‑time‑right भरना अब अति महत्वपूर्ण है क्योंकि GSTR‑3B में edit की सुविधा नहीं होगी ।
इसके अतिरिक्त, FY 2025‑26 में GST ecosystem में MFA mandatory हो गया है, और biometric authentication directors के लिए जरूरी कर दी गयी है GST Suvidha Kendras में । E‑way bill validity भी बदल चुकी है – अब invoice डेट से 180 दिन तक valid है तथा extension सिर्फ 360 दिन तक ।